श्री गोविन्द देव जी श्री चारभुजा देव जी



अध्यक्ष
श्री राधेश्याम शारदा
की कलम से
श्री माहेश्वरी पंचायत कोटा के "वेब पेज" तैयार करने के लिए श्री सोहन लाल जी झंवर मंत्री के द्वारा विभिन्न स्त्रोतों से जानकारियाँ प्राप्त कर संकलित की गयी हैं! आज के इलेक्ट्रॉनिक युग में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का महत्वपूर्ण योगदान है ! इसमे पंचायत सम्बन्धी समस्त जानकारियो का समावेश किया गया है ! पंचायत की जानकारियाँ कंप्यूटराइज्ड होने से यह भविष्य ने पंचायत के लिए स्थाई रूप से सुरक्षित रिकॉर्ड हो गया है ! इस कार्य को संपन्न करने में श्री सोहन लाल जी झंवर ने जो समय दिया है उसके लिए मेरी और से आभार |

विशेष आभार

श्री राजेश कृष्ण जी बिरला , अध्यक्ष , श्री माहेश्वरी समाज कोटा

श्री बी.डी. मूंदड़ा , मंत्री , श्री माहेश्वरी समाज कोटा



संकलन एवं आलेख


सोहन लाल झंवर
मंत्री

प्राक्कथन


सादर जय श्री कृष्ण !
मुझे प्रसन्नता हो रही हे की आज अाप महानुभावों के समक्ष श्री माहेश्वरी समाज कोटा की वेबसाइट में पंचायत का पेज तैयार कर आपके समक्ष रखने का सोभाग्य मुझे मिल रहा हैं! इस पेज को तैयार करने की प्रेरणा बंधु श्री किशनगोपाल जी जागेटिया एवं श्री रवि कुमार जी झंवर से मिली | श्री माहेश्वरी पंचायत की पेज का काम हाथ में लेने से पूर्व मैंने सोचा था की मैं यह काम कर पाऊँगा या नहीं | और मेने इसके लिए मेरे दौहित्र श्री मधुर काकानी से भी सीखने का प्रयास किया एवं इसकी रुपरेखा मैंने अपने कंप्यूटर पर स्वयं तैयार की , इसका अंतिम प्रारूप तैयार करके पेज पर डाला गया है | इस में मैने पूर्व अध्यक्ष श्री राम कल्याण जी लड्ढा, की स्मृतियाँ एवं स्व॰ श्री बालकिशन जी मूंदड़ा (चौधरी) ,स्व॰ श्री मोहन लाल जी इनानी के साथ मेरे व्यक्तिगत सम्बंधो के कारण उनसे प्राप्त जानकारियां , स्व॰ श्री बसंती लाल जी चौधरी (मूंदड़ा) के उत्तराधिकारी एवं उनके भांजे एवं मेरे पिताजी स्व श्री गोपीलाल जी झंवर – जिनकी व्यक्तिगत संपत्ति एवं जानकारियों का मैं भी भागीदार रहा हूँ – का समावेश किया हे | इसके अतिरिक्त मेरे व्यक्तिगत करणों से एवं वर्ष १९९६ – ९७ के कार्यकाल में गोविन्ददेव जी के मंदिर को खाली कराने के प्रकरण में मेरे द्वारा पंचायत के रिकॉर्ड का किया गया अध्ययन भी काम आया हे | इस पेज को तैयार करने में जिन बंधुओ का सहयोग मिला विशेष कर श्री सुरेन्द्र मोहन जी मूंदड़ा , श्री किशन गोपाल जी जागेटिया , श्री रविकुमार जी झंवर , श्री राधेश्याम जी मूंदड़ा का मैं हार्दिक आभारी हूँ !
धन्यवाद !
कोटा नगर में पूर्व में 4 पंचायतें काम कर रही थी -
1 श्री माहेश्वरी पंचायत शहर कोटा , 2 श्री माहेश्वरी पंचायत रामपुरा , 3 श्री माहेश्वरी पंचायत ओडपुरा , 4 श्री माहेश्वरी पंचयत छावनी

उस समय कोटा केवल किले की चार दीवारी ( परकोटे ) के अन्दर ही सीमित था! श्री माहेश्वरी पंचायत छावनी अन्दर परकोटे के बाहर थी शेष तीनों पंचायतें परकोटे के अन्दर थी ! चारों माहेशवरी पंचायतों का स्वतंत्र अस्तित्व था ! आगे चल कर श्री माहेश्वरी पंचायत ओडपुरा एवं छावनी का श्री माहेश्वरी पंचायत शहर में विलय हो गया !

वर्तमान में श्री माहेश्वरी पंचायत कोटा के नाम से कार्यरत है जिसका कार्यालय मंदिर सती चबूतरा - चंद्रघटा कोटा में रखा गया ! कोटा नगर का परकोटे के बाहर भी लगभग १५ से २० किलोमीटर तक नया कोटा के नाम से विस्तार हो जाने के कारण तथा इन क्षेत्रों में माहेश्वरी बंधुओं के परिवारों का आवासीय विस्तार हो जाने के कारण , उन बंधुओं को पंचायत से जोड़ने एवं प्रतिनिधित्व बढ़ाने के उद्देश्य से श्री माहेश्वरी पंचायत शहर , कोटा के संविधान को नया बनाने की आवश्यकता महसूस हुई तथा पूर्व संविधान पंचायत की साधारण सभा दिनाक १०.४.२०११ मे संशोधन कर श्री माहेश्वरी पंचायत कोटा के नाम से राजस्थान राज्य संस्था पंजीयन अधिनियम १९५८ के अंतर्गत पंजीकरण संख्या १२८/७४-७५ के तहत पंजीकृत करवाकर स्थापित कर दिया गया